# गप्पोष्ठी

By [Atul Arora](https://dylit.info/user/atul_1102)

[झाड़े रहो कलक्टरगंज ](https://dylit.info/pr/%25E0%25A4%259D%25E0%25A4%25BE%25E0%25A4%25A1%25E0%25A4%25BC%25E0%25A5%2587-%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25B9%25E0%25A5%258B-%25E0%25A4%2595%25E0%25A4%25B2%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258D%25E0%25A4%259F%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%2582%25E0%25A4%259C/6a189bb592457128cb2f9161) > [गप्पोष्ठी](https://dylit.info/ch/%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25AA%25E0%25A5%258D%25E0%25A4%25AA%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%25B7%25E0%25A5%258D%25E0%25A4%25A0%25E0%25A5%2580/6a189bd092457128cb2f91a3)

7 दिन वाली होली का रहस्य | अवधी हास्य और कानपुरिया मिजाज | एक यादगार होली गपोष्ठी 'गपोष्ठी' के इस विशेष अंक में हम लेकर आए हैं कानपुर और अवध की मिट्टी से जुड़ी होली की यादें। आखिर कानपुर में होली 7 दिनों तक क्यों मनाई जाती है? क्या है 'गंगा मेला' का इतिहास? और जब एक मध्यमवर्गीय परिवार की महिला पहली बार न्यूयॉर्क के लिए हवाई जहाज में बैठती है, तो क्या-क्या हास्य अनुभव होते हैं? आज की चर्चा में हमारे साथ जुड़ रहे हैं: अनूप शुक्ला 'फुर्सतिया' (मशहूर व्यंग्यकार) शंभूनाथ शुक्ल (जनसत्ता के चंडीगढ़ और कलकत्ता संस्करण , अमर उजाला में भूतपूर्व संपादक, Pebble के चीफ एडिटर वर्तमान में दैनिक हिंट के प्रधान संपादक तथा TV9 में रेगुलर ब्लॉगर) बिंदेश्वरी जी (न्यूयॉर्क से, हिंदी/अवधी की विदुषी) अभिनव शुक्ल (हास्य कवि) अतुल (मेजबान) इस वीडियो में आपको सुनने को मिलेगी बेहतरीन अवधी कविताएं, कानपुर के 'देशज' शब्दों का जादू और पुरानी यादों का पिटारा। Video Timestamps [00:00] - गपोष्ठी की शुरुआत और मेहमानों का परिचय [00:20] - कानपुर में 7 दिन की होली का रहस्य और गौरव [04:00] - बिंदेश्वरी जी की नवाबगंज (कानपुर) की होली की यादें [08:50] - शाहजहाँपुर की अनूठी 'नवाब साहब' वाली होली की परंपरा [11:45] - गंगा मेला का इतिहास और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल [19:25] - विशेष आकर्षण: बिंदेश्वरी जी की "पहली हवाई यात्रा" - अवधी हास्य कविता [26:20] - कानपुरिया शब्दों का जादू: 'पखरा', 'कुचरना' और 'सोहराना' का अर्थ [32:45] - हास्य और व्यंग्य के बीच का बारीक अंतर [39:40] - अभिनव शुक्ल द्वारा होली पर खूबसूरत छंद https://www.youtube.com/watch?v=CLM8k9fYseY
